
यह युग छलिया ,प्रपंचों का है
राजनीति के राज विशेषज्ञतुम्हें कोई काम नहीं आएगासावधान! खुद को तैयार रखोयह युग छलिया , प्रपंचो का है । इस युग में योग्यता का मोल

राजनीति के राज विशेषज्ञतुम्हें कोई काम नहीं आएगासावधान! खुद को तैयार रखोयह युग छलिया , प्रपंचो का है । इस युग में योग्यता का मोल

कोई लीला करो शंभू बड़ा घनघोर संकट है धरा पे आप ही शंकर सदा उपकार करते हो कहीं भक्ति से भक्तों का न अब विश्वास

तावा मूंदा तव बहुत गवा बखरी अस आज उजार परी दमदार परोसी नाय भये अपनै कमजोर देवार परी अस रहा परानिम् मेल जोल कहियौ न

जिसने जीवन को संवारा है मेरेवो ही जीवन का मेरे हकदार होगम में भी मैं मुस्कुरा कर के जियूऐसा ही मेरा यहां किरदार होकर्म से

जो देखा एक गुलाब तो दिल ये मचल गयाकांटा नहीं था फिर भी वो सीने मे चुभ गयाकहते हैं लोग पंखुड़ी कोमल गुलाब कीपर छुआ

जो राह तेरे ही दर पे जाए उसी पे हरदम कदम रखूंगासदा ही जीवन बना के निर्मल पुष्प कमल सा खिला करूगाकभी चुभूगा न शूल

त्याग प्रेम दिल भरा तो सब ही अपने हो गएचल के कर्म पथ पे हम इतिहास अपना गढ गयेहौसले बढ़ाके अपने हम शिखर पे चढ़

आज महफिल दिलों की सजा लीजिएअपने दिल की उदासी मिटा दीजिएकोई गम ना रहे अब किसी बात काआज जी भर के तुम मुस्कुरा लीजिएकोई साथी

मैं तो बैठा अभी तक उसी मोड़ परछोड़ कर जिस जगह तुम गए थे कभीराह को तेरे तकता रहा मैं खड़ालौट कर के ना आए

फिर याद आई गांव की खुशबूमन करता मैं लौट जाऊंतनाव भरी जिंदगी सेहमेशा के लिए मुक्ति पाऊं। भागदौड़ की जिंदगी है शहरों मेंविकास का तनाव