
प्रेम के रास्ते
आज अपने दिलों को मिला लीजिएफिर ये धड़कन दिलों की मिले ना मिलेक्या पता कौन जाने कहां खो गयाजिंदगी में दोबारा मिले ना मिलेनफरतों से

आज अपने दिलों को मिला लीजिएफिर ये धड़कन दिलों की मिले ना मिलेक्या पता कौन जाने कहां खो गयाजिंदगी में दोबारा मिले ना मिलेनफरतों से

मैंने तेरे लिए है जहां छोड़ दी, जहां के लिए छोड़ तुम हो रहे। कैसे कह दूं सही कौन है इस जगह तुमको पाने की

खाली हाथ रह जाता हूं मैंमिलती नही है माजिलबदनाम हो जाता हूं मैंमिलती नही है मंजिल। इस दुनिया में हमाराक्या औकात रहा ?हार जाता हूं

बगिया में प्रेम के दो फूल खिलते देखा था ।प्रेम के उन्माद में पत्थर मचलते देखा था ।जीवन को हरपल तिरस्कार करनेवालेमौत की आंखों मेंजीवन

आई थी बहार साखों पर,कली कली मुस्काई थी, हरे रंग की चादर ओढ़ के,पात_पात इतराई थी ओस की बूंदे गिरी पातों पर,तरु की सोभा बढ़ाई

आज गुलाब बहुत घबराया है, सोंचता है क्यूं सुगंध पाया है। जन्म से कांटे रहे साथ में, उम्र भर बस दर्द ही पाया है।। फिर

दुलहा माडौ से लउट परा जब जानिस अब न कार मिली न मिली अंगूठी हीरा कै न सिकडी रसरीदार मिली मान मिला सम्मान मिला कठरा

चीखकर बोल रहा इतिहास तुम्हारे हाथों में भगवाधारी है भगवा की अब लाज तुम्हारे हाथों में बीत गया जो समय-समय से बुरी रात का सपना

मिलता होगा छप्पन भोग खाने को मधुर वहांमाखन चुराने यहा क्यू अब आएगेसोने का मुकुट होगा अब तो उनके सिर परमोर का मुकुट सिर पे

आओ रंग जाए एक ही रंग मेंप्रेम –प्रिया के संग मेंआओ स्वर्ग सा खिल जाएं हमफागुन की खुशी उमंग में । आज न हो शिकायत