कविता

Category: कविता

कविता

सबके दिल को ही शीतल करू मै

अब न रहना मुझे कैद होकरअब परिंदों की जैसे उडू मैना सिमट जाऊं मैं पिजड़े में हीउड़ान अब आसमां तक भरू मैचीज जितनी निराली जगत

विस्तार से पढ़ें »
कविता

देखो सावन आया है

आसमान घिर गयी बदरियादेखो सावन आया हैझूले पड़ गए डाल-डालकोयल ने गीत सुनाया हैउपवन खिला-खिली धरतीचहुओर खुशी ही छाई हैघास फूस संग पुष्प खिलेछाई धरती

विस्तार से पढ़ें »
कविता

छाया हो जगत में

आज हम जलाएं प्रेम दीपक दिल के द्वारजिससे प्रकाशित हो ये पूरा संसारजग में अधेरा ना अज्ञानता का वाससब के दिलों में भरे प्रेम का

विस्तार से पढ़ें »
कविता

सदा रहा ना कोई कैसे मैं रह पाऊंगा

बिछड़ के दूर तुमसे मैं कभी जो जाऊंगाकरूंगा याद तुमको और याद आऊंगाओठ खामोश ही रह जाएंगे भले लेकिनबनके धड़कन सदा ही दिल में गुनगुनाऊंगाएक

विस्तार से पढ़ें »
कविता

मन की बात

अगर सुन सको तो कहूं मन की बातें ।सुलझा सको तो खोल दूं मन की गांठें ।। तुम्हीं ने कहा था समझदार हो तुम ।सुख-दुख

विस्तार से पढ़ें »
कविता

मेरी मंजिल

सागर की तूफानी लहरों में, इक तिनका सहारा है ।।मंजिलें और भी होंगी, कदम मेरा कब हारा है ।। हौसला है तो मंजिल है, मंजिलों

विस्तार से पढ़ें »
कविता

मेरी जिद

बहुत मन कर रहा है कि आप मुझसे बात करो ।लेकिन मेरी जिद यह है कि शुरुआत भी आप करो ।। आपकी सुलझी बातों से

विस्तार से पढ़ें »
कविता

सीख

मत इतना गुमान कर वंदे एक दिन तो मिट जाना है । धन-दौलत, महले दो महले, मिट्टी में मिल जाना है ।। बल, साहस, शक्ति

विस्तार से पढ़ें »
Total View
error: Content is protected !!