कविता

Category: कविता

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हमारी हर पंक्ति में

अगर एक दिन तुफान आयासभी लोग परेशान होंगेकोई बचायेगा खुद कोतो कोई अपनी गृहस्थी कोकुछ लोग तो भगवान का नाम लेंगेताकि टल जाए आया हुआ

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मोहब्बत का नक्शा

इश्क का भ्रमण भीबहुत लम्बा हो गया हैअधिकतर लोगो कोगुम हो जाना ही होता हैअपनी मोहब्बत मेंकभी यह न जान पातेकी आगे और कितना जाना

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स्त्री

स्त्री खड़ी सजी सँवरी सौम्य लगी,दिल मे उतरी तो वो उसका प्रेमी कहलाया फिर बढ़े आगे तो घर में वो राह निहारती मिली पत्नी कहलाई

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आज से बस मेरी हो

वजह रही हो चाहे जो भी मुझसे मिलने कीस्वार्थ में या की प्रेम में ही बात करने कीआंख के रास्ते से दिल में समाए बैठी

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सुहाने से मौसम में मैं घूमता हूं

जिंदगी के सफर में यूं ही घूमता हूंहवाओं के संग में ही मैं झूमता हूंवादियां जो प्रकृति की प्रफुल्लित खिली हैंउसी में ही जीवन का

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वसंत पंचमी

पतझड़ सा आगन था मेराआज खुशी की छाया हैआज सुनहरे से जीवन मेमौसम बसंत का आया हैखेतों में लहराए बालीपुष्पों की कलियां खिली हुईसूने सूने

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