
आया है बसंत
आया है बसंतमन में लाया है उमंग ।चलो खुशी से नाचे हमदेखो नाच रहें है भुजंग ।। कोयल की आवाजमन में मिठास भर देती है

आया है बसंतमन में लाया है उमंग ।चलो खुशी से नाचे हमदेखो नाच रहें है भुजंग ।। कोयल की आवाजमन में मिठास भर देती है

होली ने रंग बिखेरे हैं आनंद का रंग सब मे होयमेल मिलाप भी रंग है प्रहलाद सभी में होय प्रहलाद सभी में होय, दुश्मन दुश्मनी

होली पर हर रंग प्रहलाद है बुराइयाँ जला दें तो मिलता प्रहलाद सा प्रसाद है साल के अंत में होली का आना बुराइयां जलवाकर रंग

श्री हरी श्री हरीमहादेव भोले भंडारीजो भोले का नाम जपेउसकी सारी विपदा टारीतुझसे राम तुझसे ही नारायणग्रंथ पवित्र करें हमेंतेरी कृपा बरसे त्रिपुरारीसारा जग तेरे

ये आजादी नहीं हमने,कोई उपहार पाई है।हमारे राष्ट्र भक्तो ने,लड़ी कितनी लड़ाई है।।न जाने लाल कितने,इस जगत जननी ने हैं खोए।तभी जाके सभी अवनी में,हम

जानकी से बोले महावीर हो अधीर मातु,प्रश्न एक आप बड़ा मन में जगाती हो।करती नही हो समाधान न विधान स्वयं,करती जो प्रभु हेतु मुझे सिखलाती

निरंतर आगे बढती चल तू मंजुकभी निराश न होना बस चलती जानान हताश होना बस बढ़ती जानाआगे आगे चलना होगानही पीछे मुड़कर कभी देखना होगातू

प्रकाश का मार्ग, अतिसुंदरदेखने मे मनमोहित होता हैंपर न जाने क्यो मुझे रीतापन सा लगता हैंचारो और रंगीन लाइटो की चकाचोंध तो है बेशकपर क्या

निष्कर्म भाव से ही,प्रकृति देती हमको सबक्यो फिर पीछे हैं मानव उसके पोषण में अब।धरा के रूप को नमी को सवारना होगा अबअब चेत जा

इस दुनिया में न जाने कितने, रिश्तों की यहाॅ॑ भरमार हुई। दिल का रिश्ता सबसे प्यारा, दुनिया खुशियों से गुलजार हुई। कुछ बन जाते अनाम