कविता

Category: कविता

कविता

रोटियाँ

लोरियाँ सुनने की इच्छा जागृत जब भी हुई,तब हमें रोटियों की भूख सताती रही।हमें चॉंद दिखाकर लोरियाँ मत सुनाओ,हमें आवश्यकता है सुरज ढलते ही रोटियों

विस्तार से पढ़ें »
कविता

सृजन

यदि तुम्हें बीज मेंवृक्ष दिखाई देता है,तो तुम्हें चलते रहना चाहिए। तुम्हारे रास्ते में देहशंकु की भांतिकुछ ऐसी बाधाएं भी आएगी,जो तुम्हें विचलित कर देगी,मगर

विस्तार से पढ़ें »
कविता

एक ऐसा घर बन जाए मेरा

एक ऐसा घर बन जाए मेराजिसमें सब का ठिकाना होएक तरफ दुकान हो मेरीसामने मेरे शिवाला होप्रेम मिले सबका ही मुझकोअहंकार ना उपजा होकभी बंद

विस्तार से पढ़ें »
कविता

बेटियां

देखो नित उड़ान अब,भरती है बेटियां, कहां किसी के रोके, रुकती है बेटियां । अब तो अम्बर भी छोटा, लगने लगा है, कुछ इस तरह

विस्तार से पढ़ें »
कविता

ऐसे हम आजादी पाए

कतरा _कतरा रक्त बहाया, तन मन मातृ भूमि पर वार दिया । धन्य धन्य आजादी के दीवाने, ऐसे जन्मभूमि से प्यार किया ।। मंगल पांडे

विस्तार से पढ़ें »
Total View
error: Content is protected !!