श्री हरी श्री हरी
महादेव भोले भंडारी
जो भोले का नाम जपे
उसकी सारी विपदा टारी
तुझसे राम तुझसे ही नारायण
ग्रंथ पवित्र करें हमें
तेरी कृपा बरसे त्रिपुरारी
सारा जग तेरे गुण गाये
सुख मनोरथ भी पावे त्रिशूलधारी
सोये हुओं में भक्ति जगाये
श्री हरी तेरा डमरू नाद
कहे संत जन विपदा हारी
श्री हरी श्री हरी
महादेव भोले भंडारी
रचनाकार
Author

पता :शॉप नंबर 6 "A" मार्किट,सेक्टर 4, भिलाई, पिन -490001. दुर्ग, छत्तीसगढ़, फ़ोन-7828112047. Copyright@विष्णु "सरहदे"/इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


