जमी पर चांद उतरेगा फलक से तारे तोडेगे
बनाया झील सा बिस्तर जमाने प्यार के थे ओ
खूबसूरत अंकुरित था बीज दिल में जो पला
प्यार में जो दिल बिछाया थे जमाने प्यार के
रात दिन ऑखो में हरदम ख्वाब ही पलते रहे
ख्वाब जो टूटे नहीं वे थे जमाने प्यार के
जब निकलते साइकिल से चैन उसकी तब चढ़ी
थे गुजरते वे जहां से ओ थे जमाने प्यार के
भाव में ही डूब कर जब गुनगुनाता हूं कभी
याद आ जाता मुझे क्या थे जमाने प्यार के
रचनाकार
Author

गिरिराज पांडे पुत्र श्री केशव दत्त पांडे एवं स्वर्गीय श्रीमती निर्मला पांडे ग्राम वीर मऊ पोस्ट पाइक नगर जिला प्रतापगढ़ जन्म तिथि 31 मई 1977 योग्यता परास्नातक हिंदी साहित्य एमडीपीजी कॉलेज प्रतापगढ़ प्राथमिक शिक्षा गांव के ही कालूराम इंटर कॉलेज शीतला गंज से ग्रहण की परास्नातक करने के बाद गांव में ही पिता जी की सेवा करते हुए पत्नी अनुपमा पुत्री सौम्या पुत्र सास्वत के साथ सुख पूर्वक जीवन यापन करते हुए व्यवसाय कर रहे हैं Copyright@गिरिराज पांडे/ इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


