कविता

Category: कविता

कविता

डाल में बैठी चार गौरैया

डाल में बैठी चार गौरैया मंथन करती विषय अनेक कहां जाएं राहें तकें अनेक कहीं और है उनको जाना सारा जग है जाना पहचाना मंथन

विस्तार से पढ़ें »
कविता

अम्मा सिरका लिहिउ सजाय

गन्ना कै रस आवत होई डेउढी का महकावत होई लिहा गिलासी छोटका बबुआ गझिनै दहिउ मिलावत होई सुधि चैती बइसाख कै आवै दांत लड़कपन कै

विस्तार से पढ़ें »
अवधी

अम्मा हमार

गंउआ के खुशी खातिर डिउहार का मनाइन जब जब परी बिपतिया तब तब दिया जराइन अम्मा कै अपने जेतना बखान करी कम है उनहीं तौ

विस्तार से पढ़ें »
कविता

अंधविश्वास का मायाजाल

हमारे भारत में, गलत को गलत कहना भी,सबसे बड़ा पाप है, अपराध है। क्यों के कई बार प्रमाण से ज्यादा,अपने ज्ञान से ज्यादा,समझ, अपनी शिक्षा

विस्तार से पढ़ें »
कविता

निर्झर शब्दलहर

आँसुओं से निर्झर अश्रु श्रँखला निर्बाध बह चली मानों दोनो के मध्य संधि अनुबंध करार बना चली अविरल अश्रु धारा मानों तटीबन्ध तोड़ बस चली

विस्तार से पढ़ें »
कविता

आंखों का सागर

देखा मैंने सागर को जब तेरे इन दो नैनों मेंभाव मेरा तो भावुक होकर डूब गया तेरे नैनों मेंसागर की क्या गहराई होगी जितनी तेरे

विस्तार से पढ़ें »
कविता

मेरे मन की बात

मेरे एहसास, मेरे शब्द,मेरी धड़कन, मेरे नब्ज।मेरा अपना, मेरा सपना,मेरी उम्मीदें, मेरी ख्वाहिशें।मेरा वजुद, मेरा सुकून,मेरी खुशी, मेरा जूनून।मेरा रब, मेरी प्रार्थना,मेरी दुआ, मेरा आसमां।मेरी

विस्तार से पढ़ें »
कविता

संघर्ष ही जीवन

चिंता मत कर असफलता की मत पछताओ जीवन मेंजीवित रहना व्यर्थ है गर संघर्ष न हो इस जीवन मेंजीवन है दो दिन का मेला हस

विस्तार से पढ़ें »
Total View
error: Content is protected !!