जाग मनुज अब
जाग मनुज अब हुआ सबेरा विहग-वृन्द ने तरु-वृंत पर निकल नीड़ से डाला डेरा नव-प्रभात की प्रथम किरण में खग-कुल ने मधु गान है छेड़ा
जाग मनुज अब हुआ सबेरा विहग-वृन्द ने तरु-वृंत पर निकल नीड़ से डाला डेरा नव-प्रभात की प्रथम किरण में खग-कुल ने मधु गान है छेड़ा