मैं अपनी दुनिया सौंप दूं तेरे हाथों में।
मिटा तो ना दोगे तुम।।
अगर इजहार कर दूं अपनी मुहब्बत का।
तमाशा बना तो ना दोगे तुम।।
जख्म कई लिए घूमती हूं दिखा दूं।
बताओ कहीं नमक लगा तो ना दोगे तुम।।
मैं बही हूं उन्मुक्त झरने सी।
मेरी आजादी पर पाबंदियां लगा तो ना दोगे तुम।।
दुनिया की सताई हुई अब मैं तेरी बाहों में सोना चाहती हूं।
स्वार्थी बनकर मुझे जगा तो ना दोगे तुम।।
मैने दिया तुम्हें अपना तन मन
बताओ मुझे अब क्या दोगे तुम
रचनाकार
Author

पिता - श्री नरेश कुमार, पता-ग्राम धीरपुर, डाक खाना- खानपुर कोलिया , तहसील-थानेसर, जिला -कुरुक्षेत्र, pin-136131, राज्य-हरियाणा, जन्म तिथि 05,04,1986, शिक्षा - विशारद,शास्त्री M A ( हिंदी)M.ed, व्यवसाय-शिक्षक. प्रकाशन-2 कविताएं k b writer की मधुर बेला पुस्तक में, लेखन के क्षेत्र में सम्मान - राजभाषा सम्मान 2020, साहित्य सागर सम्मान 2022,Copyright@नरेंद्र शास्त्री / इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


