मेरी गजलों में तेरे गुनाहों का हिसाब होगा।
दर्द मेरे जख्मों का होगा तेरा अल्फाज होगा।।
तेरी बेवफाई पर कई सवाल उठेंगे ।
भरी महफिल में मैं तुझे दोषी बनाऊंगा।।
न तेरे पास फिर इसका कोई जवाब होगा।
मेरी गजलों में तेरे गुनाहों का हिसाब होगा।।
यह बेरुखी यह अकड़पन सब धरी रह जाएंगी ।
बस याद मेरी तुझे रात भर सताएगी ।।
अकेले में मेरा तकिया भी न तेरा हमराज होगा।
मेरी गजलों में तेरे गुनाहों का हिसाब होगा।।
हम तो नजाकत और सब्र के सागर में डूबे हैं।
बता तूने कब मनाया है जब भी हम रूठे हैं ।।
मरते दम तक भी तुझसे मनाए जाने का ख्वाब होगा।
मेरी गजलों में तेरे गुनाहों का हिसाब होगा।।
बस और ज्यादा जख्मों को कुरेद कर क्या कहूं।
अब कलम श्याही के तौर पर मांगती है लहू ।।
जाने से पहले तेरी यादों की ओढ़नी मेरा लिबाज होगा।
मेरी नजरों में तेरे गुनाहों का हिसाब होगा।।
रचनाकार
Author

पिता - श्री नरेश कुमार, पता-ग्राम धीरपुर, डाक खाना- खानपुर कोलिया , तहसील-थानेसर, जिला -कुरुक्षेत्र, pin-136131, राज्य-हरियाणा, जन्म तिथि 05,04,1986, शिक्षा - विशारद,शास्त्री M A ( हिंदी)M.ed, व्यवसाय-शिक्षक. प्रकाशन-2 कविताएं k b writer की मधुर बेला पुस्तक में, लेखन के क्षेत्र में सम्मान - राजभाषा सम्मान 2020, साहित्य सागर सम्मान 2022,Copyright@नरेंद्र शास्त्री / इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


