शिवमय जीवन
जीवन का अनमोल क्षण,
शव नहीं शिव मय हो।
मन से निकले प्यारा बोल,
जिसमे सुंदर सा लय हो।
मानवता सब में झलके,
किसी से न कभी भय हो।
विवेक धैर्य क्षमा ही पले,
जो हम में कभी न क्षय हो।
सुंदर सा यह जीवन चले,
हम सब में यह तय हो।
विजय रथ सदा चलती रहे,
जहां हर किसी की जय हो।
रचनाकार
Author

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