तुम्हारे झूठे नैन
अनुत्तरित प्रश्न
प्रश्ननीय हल
तेरी खुशबू
इंद्रजाल सा जादू
मन बेकाबू
उलझे रिश्ते
बेजोड़ विभाजन
न घटा न गुणा
ख्याली पुलाव
जलता सा अलाव
धूप न छांव
जीने का दर्द
नातों का बही-खाता
रिश्तों की फर्द
मीठी सी बात
अनजाने जज़्बात तेरा जो साथ।
तुम्हारे झूठे नैन
अनुत्तरित प्रश्न
प्रश्ननीय हल
तेरी खुशबू
इंद्रजाल सा जादू
मन बेकाबू
उलझे रिश्ते
बेजोड़ विभाजन
न घटा न गुणा
ख्याली पुलाव
जलता सा अलाव
धूप न छांव
जीने का दर्द
नातों का बही-खाता
रिश्तों की फर्द
मीठी सी बात
अनजाने जज़्बात तेरा जो साथ।

जीवन परिचयप्रतीक कटियार , कानपुर नगर उत्तरप्रदेश , पेशा बैंकर, रूचि लेखन,गत पांच वर्षों से लेखन में सक्रियता , कई रचनाएं व कहानियाँ समाचार पत्रों मे प्रकाशित तथा राजकीय साहित्य रत्न सम्मान से एवं अनेकों सम्मान पत्रों, पदकों एवं ट्रॉफीज से सम्मानित, अनेकों साझा संकलनो मे प्रतिभागिता व संचालन एवं गैर सरकारी संगठन (NGO) "मानव संघ सेवा समिति" के संस्थापक भी हैँ। ©प्रतीक कटियार