न हम होंगे न तुम होगे नहीं कोई गिला होगा
सिमटती याद का ही फिर यहा पर सिलसिला होगा
चलो हंस कर बिता ले जिंदगी को जो बची अब तक
न जाने कौन सा पल जिंदगी का आखरी होगा
नहीं फिर ये जमी होगी ना फिर ये आसमा होगा
गगन में इन सितारों का नहीं कोई निशा होगा
परिस्थिति जो तेरी है आज ओ फिर कल नहीं होगी
समय है आज कर लो तुम नहीं फिर देर ही होगी
भरोसा आज पर कर लो कभी ना कल पे तुम करना
नहीं आता कभी है कल खुशी में आज ही रहना
रचनाकार
Author

गिरिराज पांडे पुत्र श्री केशव दत्त पांडे एवं स्वर्गीय श्रीमती निर्मला पांडे ग्राम वीर मऊ पोस्ट पाइक नगर जिला प्रतापगढ़ जन्म तिथि 31 मई 1977 योग्यता परास्नातक हिंदी साहित्य एमडीपीजी कॉलेज प्रतापगढ़ प्राथमिक शिक्षा गांव के ही कालूराम इंटर कॉलेज शीतला गंज से ग्रहण की परास्नातक करने के बाद गांव में ही पिता जी की सेवा करते हुए पत्नी अनुपमा पुत्री सौम्या पुत्र सास्वत के साथ सुख पूर्वक जीवन यापन करते हुए व्यवसाय कर रहे हैं Copyright@गिरिराज पांडे/ इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


