मैं कहता हूं कि तुम भुला दो मुझे,
कान्टेक्ट लिस्ट से हटा दो मुझे,
ड्राइव से फोटो मिटा दो मेरी,
गैलरी से पिक्चर हटा दो मेरी,
सोशल साइट पर मुझको ब्लाक कर दो,
अपनी प्रोफाइल को लाक कर दो,
मैं जो फोटो दिया था उसे फाड़कर,
जो दुपट्टा छुआ था उसे झाड़कर,
बोलो!क्या तुम मुझको भुला पाओगी।
दिल की तस्वीर कैसे मिटा पाओगी।।
जब तेरे कमरे में मेरा हुआ आगमन,
बांह में भरके तूं भी हुयी थी मगन,
सारी खिड़की हुयी बन्द दरवाजे थे,
एक दूजे की बांहों में हम आधे थे,
तेरे तन-बदन पर मेरे चुम्बनों के निशां,
बोलो इनको छुपाओगी तुम किस दिशा,
साथ गुजरे थे जो उन लम्हात को।
बोलो कैसे भुलाओगी इन बात को।।
रचनाकार
Author

Copyright@बजरंगी लाल / इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


