भारतम!

हम भारत के सच्चे बच्चे,
हार न मानें अच्छे
हमें है जीना ,आगे बढ़ना
यही अरमान है हमारा

हम मिट जाएंगे पर ,
वतन झुके न हमारा
मरकर भी मेरा लहू पर
है अधिकार तुम्हारा

तू ही है सब जनम करम
जय हो मातरम
भारतम! ,भरतम !
भारतम! ,भारतम!

तू ही है जगत जननी
तू ही खुशहाली दाता
हर पल हम सब को सांसे
बस तेरी रट लगाता

जब तक रहे ये ज़मीं –आसमां
कभी फटे न तेरी आंचल
उतर में कश्मीर रहे
पूरब में रहे अरुणाचल

जय हो भाग्य की माता
जय हो मातरम !
भारतम!, भारतम!
भारतम!, भारतम!

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रचनाकार

Author

  • नवेंदु कुमार वर्मा

    जिला गया( बिहार) 824205. Copyright@नवेंदु कुमार वर्मा/इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |

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