बसाओ दिल में हनुमान को जोश नहीं कम होंगे
भरा अगर विश्वास हृदय तो साथ सदा ही होंगे
सौप के देखो अपना जीवन हनुमान के चरणों में
सदा सहारा बनेगे तुझको गिरने कभी न देगे
कलयुग के भगवान यही हैं इसे कभी न भूलो
प्रीति लगाकर हनुमान के भाव में हरदम डूबो
कोई ऐसा काम नहीं जो हनुमान ना कर पाए
तेरा हर संकट हर लेगे दुखी ना होने देंगे
भक्तों में अनन्य जो शिव के राम है जिनका नाम
उनके सर्वोपरि भक्तों में रहते हैं हनुमान
प्रबल प्रवेग पवन के जैसी शीतलता सी छाव
ज्ञान विवेक बुद्धि बल शोभित हृदय में सीताराम
रचनाकार
Author

गिरिराज पांडे पुत्र श्री केशव दत्त पांडे एवं स्वर्गीय श्रीमती निर्मला पांडे ग्राम वीर मऊ पोस्ट पाइक नगर जिला प्रतापगढ़ जन्म तिथि 31 मई 1977 योग्यता परास्नातक हिंदी साहित्य एमडीपीजी कॉलेज प्रतापगढ़ प्राथमिक शिक्षा गांव के ही कालूराम इंटर कॉलेज शीतला गंज से ग्रहण की परास्नातक करने के बाद गांव में ही पिता जी की सेवा करते हुए पत्नी अनुपमा पुत्री सौम्या पुत्र सास्वत के साथ सुख पूर्वक जीवन यापन करते हुए व्यवसाय कर रहे हैं Copyright@गिरिराज पांडे/ इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |


