
दोस्ती
दोस्ती की राहें होती हैं अनमोल, उसका नहीं चुका सकता कोई मोल। तूफानों में भी जो साथ रहे, हर दुख में अपने पास रहे। हंसते-हंसते

दोस्ती की राहें होती हैं अनमोल, उसका नहीं चुका सकता कोई मोल। तूफानों में भी जो साथ रहे, हर दुख में अपने पास रहे। हंसते-हंसते

उठो नारी और लड़ो अपने लिए, कोई नहीं आएगा तुम्हें बचाने। खुद को सबल बनाओ इतना, कोई हाथ डाल न सके तुमपर कोई। समय आ

रक्षाबंधन: भाई-बहन का प्यार भाई-बहन का रिश्ता प्यारा, अनोखा, अलग और निराला। भाई-बहन आपस मे झगड़ते, कुछ देर बाद फिर मिल जाते। एक दूसरे से

साँस लेता सदन अब रहा ही नहींदृष्टि में बाँक पन अब रहा ही नहीं इस तरह फूल तोड़े गये डाल सेवो महकता चमन अब रहा

कलम का पुजारी, मनमौजी फनकार हूं।साधक हूं शारदे का, वाणी की झंकार हूं। शब्दों की माला बुनता, कोई कलमकार हूं।गीतों की लड़ियों में, सुर छेड़ती

तुम्हारी यादों की रोशनी में सफ़र ज़िंदगी का तय करेंगेजहाँ कहोगी वहीं पे ख़ुद को तुम्हारे में हम बिलय करेंगे रहेंगे बन के तुम्हारा साया

दीवारो-दर से जिसकी सदा गूँजती रहीमेरी निगाह घर में उसे ढूँढती रही अहसास था ख़याल तसव्वुर यक़ीन थाकिस किस लिबास में वो मुझे पूजती रही

दुल्हन न बन सकी कभी ख़ुद की निगाह मेंजो भी मिला वो ले गया ख़्वाबों की राह में छोड़ा है मुझको लाके कहाँ मेरे मेहरबाँक्या

हर खुशी ही रेत सी हरदम फिसल जाती है क्यूँहर घड़ी अब जिंदगी की ग़म में ढल जाती है क्यूँ थाम कर के हाथ जिसका

अभी तो शाम बाकी है जरा सूरज ये ढलने दोचले जाना कहाँ रोका है चंदा तो निकलने दो नहीं रोको नहीं मुझको मैं तो मस्ती