पद्य-रचनाएँ

Category: पद्य-रचनाएँ

कविता

तमन्नाएं

तमन्नाएंहसरतें आरजुओं काकोई अंत नहींसंसारी,वीतरागीइससे अछूता कोई सन्त नहींएक के बाद एकनित नई अनेककामनाओं की कतार हैइस मामले में कोईकिनारें नहींसबके सब मझधार हैएक भी

विस्तार से पढ़ें »
कविता

आखिर क्यों

रेगिस्तान की भूमि पर सोच रही थीं मैं दूर दूर तक कोई रहने वाला नही था वहाँ पर्यटक आते व लौट जाते आखिर.. क्यों..? क्या

विस्तार से पढ़ें »
गज़ल

कभी एहसास लफ़्जों में कभी कुछ गीत शब्दों में 

कभी बेज़ार सी बातें कभी अनुसार की बातें कभी कुछ याद सी बहती कभी बेकार सी बातें कभी एहसास लफ़्जों में कभी कुछ गीत शब्दों

विस्तार से पढ़ें »
Total View
error: Content is protected !!