कविता

Category: कविता

कविता

गुरु का व्यक्तित्व

सूर्य, चन्द्र और सितारें जिनके मुख मण्डल को आलोकित किया करते हैं। जिन्हें सत्कर्म करने को उनके सात्विक विचार आन्दोलित किया करते हैं। जिनके आँचल

विस्तार से पढ़ें »
कविता

मेरी प्रेमिका

मेरी प्रेमिका पुष्प की मुस्कान वो हैं। परिंदों के पैरों की उडान वो हैं। जिसको जीवन भर जीया मैंने , पाऊँगा जिसको अरमान वो है।

विस्तार से पढ़ें »
कविता

तेरे आँचल का

बस एक ही तमन्ना दिल में प्यार मिले तेरे आँचल का कुछ यूँ छिप जाऊँ कि पता न चले तेरे आँचल का नशीली आँखे तेरी

विस्तार से पढ़ें »
कविता

पुत्री

गुलाब की कली के समान उत्पन्न होती है पुत्री और खिले फूल की भाँति महकती है पुत्री उपवन में सभी को आकर्षित करती है पुत्री

विस्तार से पढ़ें »
कविता

 भूल बैठे हैं

आज भूल बैठे हैं हम मूल्य इस दिन का। इसे लूटो उसे लूटो क्रम नित दिन का। राष्ट्र चिंतन हित में कोई लगता नहीं, श्वेत

विस्तार से पढ़ें »
Total View
error: Content is protected !!