
बसाओ दिल मे हनुमान को
बसाओ दिल में हनुमान को जोश नहीं कम होंगेभरा अगर विश्वास हृदय तो साथ सदा ही होंगेसौप के देखो अपना जीवन हनुमान के चरणों मेंसदा

बसाओ दिल में हनुमान को जोश नहीं कम होंगेभरा अगर विश्वास हृदय तो साथ सदा ही होंगेसौप के देखो अपना जीवन हनुमान के चरणों मेंसदा

मेरी गजलों में तेरे गुनाहों का हिसाब होगा।दर्द मेरे जख्मों का होगा तेरा अल्फाज होगा।।तेरी बेवफाई पर कई सवाल उठेंगे ।भरी महफिल में मैं तुझे

मुझे अपने दिलों में तुम बसा लेते तो अच्छा थामेरा बिखरा हुआ जीवन सजा देते तो अच्छा थासदा ही दिल में रहता मैं तुम्हारी धड़कने

होता उसका जीवन निर्मल जिसकी सोच सही होती हैअगर सोच हो सकारात्मक जीवन में खुशियां भरती हैगलत सोच रखकर के मन में काम यहां जो

सा पंथ लिखा है मैंने वैसा जीवन जीता हूंप्रेम भाव में डूब के हरदम रस अमृत का पीता हूंसाथ कभी तो चल कर देखो कितनी

(पहले ) जख्म से जख्म दिल के मिटे जा रहे थेएक छूटे तो दूजे मिले जा रहे थेवो पुराना था अब तो नया मिल गयासोचकर

हर कदम से कदम अब मिला कर चलोफूल हर जख्म का अब मिटा कर चलोफिर तो मिल जाएगा तुझको सारा जहासब को अपने गले से

अजनबी भी अपना हो सकता है अपनों में बेगाना खो सकता है दूरियों का माने मिलने वालों से पूछो फासलों से दिल का कोना रो

मैंने हंसकर के गुजारी है जिंदगी अपनीभले ही जिंदगी कांटों से होके गुजरी होसदा ही ठोकरो से सीखा संभलना मैंनेभले ही जिंदगी मे ठोकरे ही

देश के नौजवानों भुलाना नहींदेश की अस्मिता को मिटाना नहीतुम भले प्राण दे दो वतन के लिएदाग अपने वतन पर लगाना नही नाम तेरे वतन