पद्य-रचनाएँ

Category: पद्य-रचनाएँ

कविता

मैं नहीं मानता

देखो ‘ मैं नहीं मानता पत्थरों में बसे भगवान को सुना है तुम रोज जाती हो माथा टेकने मैं तो यही कहूंगा अगर वहां ईश्वर

विस्तार से पढ़ें »
कविता

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम:

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम:। नम: प्रकृत्यै भद्रायै नियता:प्रणता:स्म ताम् ॥” हे माँ! तुम्हारे दर पे आए ज्ञान का वरदान दो।। कर दो सारे

विस्तार से पढ़ें »
कविता

अपनेन बूते मंगलसूत(अवधी कविता)

आगे बढिगा ढेरि जबाना अंगुरी आजी बाबक् छूट अम्मा बप्पक कहेम चलत हैं कहां बताओ बिटिया पूत अंगरेजी कै यहै पढाई परमपरा का लइगै लूट

विस्तार से पढ़ें »
Total View
error: Content is protected !!