
जीवन के दिन चार बन्धुवर
जीवन के दिन चार बन्धुवर किससे क्या तकरार बन्धुवर ! आज रू-ब-रू जी भर जी लें कल का क्या एतबार बन्धुवर! सुख तो एक तसव्वुर

जीवन के दिन चार बन्धुवर किससे क्या तकरार बन्धुवर ! आज रू-ब-रू जी भर जी लें कल का क्या एतबार बन्धुवर! सुख तो एक तसव्वुर

मंजिले दूर होती रही राश्तों का कसूर होगा यह कोई नहीं सोचता रास्तों को चुनना भी तो हमारा दस्तूर होगा मंजिले नजदीक होंगी रास्तों को

माँ होती है तब जा कर एक वंश खानदान बनता है बेटे बेटियों पर सब कुछ वार दिया करती है तब जा कर वंश का

व्याकुल मन से कह रहा हूंँतुमसे इजहार है रानीतुमसे प्यार है रानीतुमसे प्यार है रानी तेरी आंखे समंदर सा हैमैं उसमे बहता पानीकण–कण में तेरा

बलिदान वीर सपूतों का…..इतिहास में अमर हैवो आज भी अमर हैवो आज भी जिंदा है वो आत्म स्वाभिमानजिसने झुकना कभी न जानामरते दम तक अंत

हे राम !तुम्हारे चरणों मेंमेरा जीवन कट जाएमुझ पर कृपा करो प्रभो !मुझको न फुल समाए। तुझमें ही बसे मेरे आत्मातुझ पर ही जान गवाएमुझ

करते हैं दिन रात परिश्रम तब जाकर जी पाते हैंकिसी तरह से जीवन में वो अपना पेट पालते हैंसुनना पड़ता है मालिक की डांट हमेशा

हर एक मुस्कुराहट पहचान लेंगे हमगम है छुपा या खुशी इसको जान लेंगे हमकितना भी छुपाओ इसे अब दिल में रखकर तुमक्या चल रहा है

मजहब के रंग में रंगा हुआ जो पूरा देश है आजतो कैसे सुधरेगे हालातलूट के अपने देश की दौलत खुद बनते धनवानतो कैसे सुधरेंगे हालातसब्र

जब हिंदू मुस्लिम सदा एक है सबमे बसा ईमानपनप रहा है बीज द्वेष का कहां से हिंदुस्तानयही तो पूछ रहा हूंकहां से चलते ईट और