सेदोका

Category: सेदोका

पद्य-रचनाएँ

सेदोका

1पेड़ काँपतेचश्मा बदले मालीबढ़ई हुआ मनदिखा सर्वत्रआरी,कुल्हाड़ी संगबाजार के सपने। 2भीगी हैं लटेंउड़ रहा दुपट्टावर्षा में भुट्टा खानास्मृति ताजीसौंदर्य दमका हैमिट्टी की सुगंध सी। 3पिंयरी

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