सफर
खुशी-खुशी बीत जाए जिंदगी का सफर कौन यहां रहने आया जग में जो आया वही भरमाया कौन यहां रहने आया कल्पना क्या करें सभी सरताज
खुशी-खुशी बीत जाए जिंदगी का सफर कौन यहां रहने आया जग में जो आया वही भरमाया कौन यहां रहने आया कल्पना क्या करें सभी सरताज
स्वागत है वंदन तेरा तू बना ले चंदन मेरा दमका करूंगा मैं भी तू अपना ले अभिनंदन मेरा गंगा को मिला संग तेरा
वक्त ने बनाया मुझे वक्त से दीदार करूं वक्त के है हक में मुझे चाहे की इंकार करे समय का फैसला जिसका श्रृंगार करू जो
मौसम का फिजा यू बदलने लगा ना तुम होश में थे ना मैं होश में लगा देखा जिस ने उसी ने कहा ये कौन सा
टुकड़ों में बटां था, रखवाला गद्दार था ,कोई घरवाला जान ना सका इरादा उसका दुश्मन को धूल चटाने वाला बांट दिया था ,टुकड़ों में गद्दारों
है नारी जग की क्यारी जीवन उसकी न्यारी न्यारी रखती सबका ख्याल है जीवन सवारी सवारी दायित्व परिवार का वंश और घरवार का रिश्ते में
निर्मोह बहती रही जीवन राग कहती रही आया जो पाया वही जग सुख-दुख का पुंज सही जाना है मंजिल सही मोह नहीं संदल सही ठहराव
आईना बता तू ये क्या सिलसिला है हूं मैं क्या, क्या तू बता रहा है मुझसे क्या पूछते हो तेरे कर्मों का सिला है जो
दुनिया में नाम वतन का रहेगा रहें ना रहें हम जतन ये रहेगा करके जाऊं कुछ ऐसा जमाना नाम जपेगा वीर सपूत दुनिया में रहेगा