सुबह का सूर्योदय नभ

सुबह का सूर्योदय नभ
से करता रहता ऐतबार
ओ मेरे प्रियतम
तुझसे है प्रेम का इजहार ।

आ जा बाहों में ओ
कुसुम तुम्हे दरकार
ओ मेरे प्रियतम तुमसे है
प्रेम का इजहार।

तुमसे ताजगी आती है सांसों में
फुल बदन में चुभते है
मन हो जाता है मदहोश
सारी खुशहाली मुझे घूरते है ।

ओ आओ खुशी बढ़ाने वाले
ओ मेरे पहला प्यार
ओ मेरे प्रियतम
तुमसे है प्रेम का इजहार।

Facebook
WhatsApp
Twitter
LinkedIn
Pinterest

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

रचनाकार

Author

  • नवेंदु कुमार वर्मा

    जिला गया( बिहार) 824205. Copyright@नवेंदु कुमार वर्मा/इनकी रचनाओं की ज्ञानविविधा पर संकलन की अनुमति है | इनकी रचनाओं के अन्यत्र उपयोग से पूर्व इनकी अनुमति आवश्यक है |

Total View
error: Content is protected !!