पद्य-रचनाएँ

Category: पद्य-रचनाएँ

कविता

ईमानदारी एक साधना है

ईमानदार होने के मतलब अप्रयास अज्ञात हजार शत्रु उत्पन्न करना। ईमानदार होने का अर्थ अपने परिश्रम और ईश्वर के न्याय पर पूर्ण विश्वास रखना। ईमानदार

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गीत

करुण वेदना की बेदी पर अमर प्रेम का दीप जलाना

मेरे बाद मेरे गीतों की का एक सुंदर संसार बसाना करुण वेदना की बेदी पर अमर प्रेम का दीप जलाना मेरा जीवन एक कथा सा

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गज़ल

अजब अजब सी रविश मिली है

अजब अजब सी रविश मिली है दुनिया के दीवारों पर कभी तसव्वुर कभी खुशबुयें कभी अश्क़ रुख़सारों पर आओ कुछ अल्फ़ाज़ बाँटलें कुछ तो शब्द

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कविता

भले हमारी हार हो

ये जीत का जश्न जलता रहे भले हमारी हार हो सिर्फ हमीं से प्यार हो।। जल रहे हैं लोग यहाँ, देख तेरी स्वच्छंदता को रोक

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कविता

एकाकार

मन शांत लिए ही स्थिर सी आज बैठ गई थी मानों एकाग्रता में सोच पाऊँगी अपने को व अपने भविष्य को झांक पाऊँगी स्वयं में,

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