
कुछ नाम हुए
कुछ नाम हुए कुछ बदनाम हुए आके तेरे पहलू में ये काम हुए आओ अलविदा कह दूं घर जाने को है और शाम हुए सीखा

कुछ नाम हुए कुछ बदनाम हुए आके तेरे पहलू में ये काम हुए आओ अलविदा कह दूं घर जाने को है और शाम हुए सीखा

खट्टी मीठी यादों को सहेज आज विदाई की बेला आई है हैं हर्ष भी, विषाद भी ! जाने क्यों आंख भर आई है है लोग

जिंदगी में सबकी सबकुछ नहीं मिलता, किसी का कुछ तो किसी का और रह ही जाता है। कोशिश करो हर दिन जीने की जिंदगी को,

कुछ बातें हम से सुना करों. कुछ बातें हम से किया करों। मुझे दिल की बात बता डालो, तुम होंठो को न है सिला करों

उड़ान इतनी आसान न थी,न था कोई साथ।सूखे पत्ते को जीवंत करना,थी जैसे कोई बात। अड़चनें थी, फिर भी उम्मीद थी,अंधियारे में जैसे कोई जलता

बहुत कुछ छूटा सा, बचा हुआ,कहने को, करने को,जैसे सब रह गया।भावनाएं जो मन से लिपटी हुई,कहना चाहा था,पर दिल को थामना पड़ा। बातें कई

प्रेम जो दो दिल, दो इंसान को एक कर दे,दो शरीर होकर भी एक जान कर दे। घाव किसी एक को लगे, दूसरा घायल हो

जब जीवन नीरस सा प्रतीत हो,जब हर क्षण मुश्किलों का भवंर हो।जब अपना कहने को कोई नहीं,जब हर रिश्ता छले, जीवन कहर हो।उम्मीदों की आस

अंधियारे में खोया हुआ मन बावरा,नाउम्मीदी से उम्मीद लगाए हुए।तूफान कोई उठने को आतुर सी है,जल रहा, लपटे लिपटने को है।प्रेम है, या शत्रु, पास

सब्र का अभी तक मेरे इम्तिहान जारी है, रात में चरागों का इंतजाम जारी है। रेत के महल में मेरी इक किताब रखी है, घुल