सुकून के पल
सुकून है वो तोफ़हा जो सबको सब जगह नहीं मिलता, इसे पाने के गर खोना पड़े कुछ तो खोना जरूरी है। एक कप चाय के
सुकून है वो तोफ़हा जो सबको सब जगह नहीं मिलता, इसे पाने के गर खोना पड़े कुछ तो खोना जरूरी है। एक कप चाय के
दुनिया में शायद ही कोई ऐसा वैज्ञानिक आविष्कार हो, जो पहली बार में सफल हो गया हो। दुनिया में शायद ही कोई पर्वतारोही ऐसा हो,
मुझे लिखने का शौख बहुत पहले से था। मैं अपनी डायरियों में अपने विचार कविताओं के रूप में लिखती थी। उन्हे कभी प्रकाशित करवाने का
श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान श्रीकृष्ण मेरे नटखट गोपाल, यमुना के तट पर रचाये रास। माता इनकी देवकी मैया, यशोदा के भी कहलाए लाल। बचपन
माना- जीवन के ये रास्ते बहुत लंबे है, चारों ओर बाधाएँ है, अंधेरा है, रुकावट है, लेकिन ये लंबे रास्ते पल भर में कट जाएंगे,
रक्षाबंधन का महत्त्व रक्षाबंधन का त्यौहार केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है और ना ही भाई बहनों तक। रक्षाबंधन पर सभी बहने अपने भाई
पति-पत्नी का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता है जिसमें प्यार, टकरार, नोक-झोक सब होता है। यह एक ऐसा अनोखा रिश्ता है जिसमे पति कभी गाइड बन
डॉ ऋषिका वर्मा वर्तमान में दर्शन विभाग, हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (गढ़वाल) उत्तराखंड में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। ऋषिका वर्मा
जब दिल था निर्मल और चहरे पर मुस्कान थी। न कोई चिंता और न कोई थकान थी। हर सुबह थी नहीं उमंगों से भरी, और
धरती माँ की गोद है प्यारी, इसकी रक्षा सबकी जिम्मेदारी। वृक्षों को मत काटो यार, ये हैं जीवन के आधार। पेड़ लगाओ, जल बचाओ, स्वच्छ